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उनादकट ने श्रीलंका दौरे के लिए नहीं चुने जाने के बाद सोशल मीडिया छोड़ा, बोले- आखिर तक लड़ता रहूंगा

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नई दिल्ली. श्रीलंका दौरे के लिए नहीं चुने जाने के बाद सौराष्ट्र के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट(Jaydev Unadkat) ने सोशल मीडिया छोड़ दिया है. उन्होंने अपने फैंस को ट्वीट कर इस फैसले की जानकारी दी. उनादकट ने लिखा कि मैं अपने खेल पर अब और मेहनत करूंगा और ये सोचने में वक्त नहीं बिताऊंगा कि मुझे क्यों नहीं चुना गया और मेरा वक्त कब आएगा. मैं आखिर तक लड़ता रहूंगा. हाल ही में बीसीसीआई ने शिखर धवन की अगुवाई में श्रीलंका दौरे के लिए 20 सदस्यीय टीम इंडिया का ऐलान किया था. इस दौरे के लिए पांच नेट गेंदबाजों को भी टीम से जोड़ा गया है. लेकिन इस टीम में उनादकट को जगह नहीं दी गई है.

उनादकट ने ट्विटर पर शेयर अपने संदेश में लिखा कि जब मैं एक बच्चा था, तब मैंने इस खेल में अपना जुनून पाया. महान खिलाड़ियों को पूरे दिल से मैदान पर खेलते देखकर मुझे प्रेरणा मिली. इतने सालों में मुझे भी यही अनुभव करने का मौका मिला. हर चीज से ऊपर, मैंने उन दिग्गजों में कभी न हार मानने का जो जज्बा देखा था, वो मुझमें भी उतर आया. मैं जब युवा था, तो कुछ लोगों ने मुझे कच्चा समझा और मुझ पर छोटे शहर से आकर बड़े ख्वाब देखने वाले का ठप्पा लगा दिया. हालांकि, धीरे-धीरे सबकी धारणा बदल गई. इसकी वजह ये रही कि मैं खुद बदल गया. मैं परिपक्व हुआ. मैंने कामयाबी, नाकामी, सबको संभालना सीखा.

मैं अब और मेहनत करूंगा: उनादकट

इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने आगे लिखा कि इस खेल ने मुझे बहुत कुछ दिया है. इसलिए मैं एक पल के लिए भी नहीं पछताने वाला हूं कि मैं क्यों नहीं?. या मेरा वक्त कब आएगा और मैंने ऐसा क्या गलत किया. उनादकट ने साफ कर दिया कि वो आखिर तक लड़ते रहेंगे. उन्होंने आगे लिखा कि करियर के इस मोड़ पर मैंने जो भी अनुभव हासिल किया है, मैं केवल उस चीज की सराहना करने जा रहा हूं. हो सकता है कि इसे लोग कमजोरी समझें. लेकिन मैं अपनी आक्रामकता मैदान के लिए बचाकर रखूंगा. मुझे सपोर्ट करने वाले सभी फैंस का शुक्रिया और आभार. अब अपने खेल पर और अधिक ध्यान केंद्रित करने और मेहनत करने का समय है. तब तक, सोशल-मीडिया डिटॉक्स मोड चालू है!.

मांजरेकर ने भी उनादकट के न चुने जाने पर हैरानी जताई थी

उनादकट का दर्द और मायूसी समझी जा सकती है. क्योंकि वो घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. वो 2019-20 के रणजी सीजन में सबसे ज्यादा 67 विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. उन्होंने सौराष्ट्र को पहली बार रणजी ट्रॉफी चैम्पियन बनाने में भी अहम रोल निभाया था. पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने भी उनादकट के टीम में न चुने जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.

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उनादकट को 3 साल से टीम इंडिया में मौका नहीं मिला

29 साल के उनादकट ने भारत के लिए 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था. बाएं हाथ का यह गेंदबाज भारत की तरफ से सात वनडे और 10 टी20 भी खेल चुका है. लेकिन साल 2018 के बाद से उन्हें टीम इंडिया में शामिल नहीं किया गया है. उनादकट का फर्स्ट क्लास और टी20 क्रिकेट में जबरदस्त रिकॉर्ड है. इस गेंदबाज ने 89 फर्स्ट क्लास मैच में 327 और 150 टी20 में 182 विकेट लिए हैं.

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