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क्या डिप्रेशन (DEPRESSION)एक बीमारी है या फिर?जाने क्या क्या कहते है मनोचिकित्सक विशेषज्ञ :भूमिका गिजरे

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DEPRESSION इस शब्द को हम सभी अच्छी तरह से जानते है,लेकिन पहचानते नहीं है और समझ नहीं पाते है| इस शब्द से ही लोग काफी डर जाते है,घबराते है,असंतुलित हो जाते है मगर यकीन मानें डरने की कोई जरुरत नहीं है | लेकिन इसे हम जितनी जल्दी समझ पाएँ पहचान पाएँ,हमारे जीवन  के लिए,हमारे करीबी लोगो के लिए स्वयं हमारे लिए भी बेहद लाभदायक होगा और इससे बचने मे  हमें आसानी होगी,साथ ही साथ अगर कोई व्यक्ति अपनी ज़िंदगी मे तनाव का अनुभव तो उसे बाहर आने मे मदद मिलेगी|

DEPRESSION को हम एक प्रकार से मानसिक रोग भी कह सकते है और यह  एक प्रकार की मन की स्थिति (State Of Mind) है  और  हर व्यक्ति अपने जीवन मे कभी न कभी इस अवस्था से जरूर गुजरता है| कोई इस स्थिति से बहुत कम समय के लिए गुजरता है कोई ज्यादा समय के लिए,यह इस बात पर निर्भर  करता है की आपकी जीवन शैली क्या है?कैसी है?

आखिर क्यों होता है डिप्रेशन ?

डिप्रेशन के कई कारण हो सकते है ओर इसके लक्षण भी,हर व्यक्ति की सोच अलग होती है और नजरिया भी अलग होता है ठीक उसी तरह तनाव के भी कई  कारण है-

 इसमे लोग थकान अकेलापन,नकारात्मक सोच,भूख की कमी या जरूरत से ज्यादा भूख लगना, शरीर का घटना या बढ़ना, नाखुश रहना और भी ऐसे कई तरह की शिकायतों का सामना करते है|

 इसकी वजह अलग अलग व्यक्तियों मे अलग अलग हो सकती  है-

जैसे-

1.जीवन मे उतार चढ़ाव

2.किसी करीबी व्यक्ति या वस्तु का दूर हो जाना

3.किसी भी प्रकार का सदमा लगना

4.कोई हादसा या अनुभव

5. जीवन मे बहुत या अलग किस्म की उम्मीद लगाना

6 गलत परवरिश

7.शरीर मे हार्मोन्स का असन्तुलन (Harmonal Imbalance)

8. दिमाग मे रसायन (chemical) की  कमी होना या असंतुलित होना|( ये harmones मनुष्य के खास ग्रंथियों मे निर्मित होते है जिसे Neurotransmeters कहते है| इसके जरिये हमारे आचरण,व्यवहार,सोच विचार, पर प्रभाव पड़ता है|

इस तरह के असंतुलन के भी कई कारण हो सकते है, जैसे हमारे खाने पीने का तरीका, रहन सहन का ढंग,सोच- विचार और हमारी  अच्छी  बुरी आदतें आदि|

डिप्रेशन से बाहर कैसे निकलें?

डिप्रेशन से बाहर आने के बहुत से तरीके है, कुछ लोग खुद ही अलग अलग अनुभव करके जीवन मे संभल जाते है और कुछ इसमे उलझ जाते है ,लेकिन कब कैसे और किन तरीकों को अपनाना है इस बात को समझना बहुत ही महत्वपूर्ण है तभी हम जल्द से जल्द खुद को और दूसरों को इस स्थिति से बचा पाएंगे|इसलिए सबसे जरूरी है खुद से प्यार करना,खुद को अपने लिए और दूसरों के लिए समय देते रहना, किसी करीबी व्यक्ति से दिल खोल कर बातें करना, अच्छी आदतें बनाना जीवन जीनें का तरीका(LIFE SKILL) सीखना|

इस समस्या से निकलने बहुत से तरीके है बस ज़रूरत है लोगो के जागरूक होने की और लोगो को जागरूक करने की भी|अगर एक ही मनः स्थिति समय से ज्यादा  देर तक स्थिर बने रहे तब दवाओं का सहारा लेना पड़ सकता है जिसमे लापरवाही करना जीवन के लिए सही नहीं होता|

तो जब भी कुछ ऐसे लक्षण दिखे या कुछ नकारात्मक सोच आए तो आप खुद को  कितना जानते पहचानते है? और जो परिस्थिति है वो क्यों और किस वजह से आई? इस सोच के क्या क्या परिणाम है? इन सब बातों को  समझने के लिए आप किसी खास व्यक्ति की मदद भी ले सकते है जो आपको सही तरीके से समझे और सलाह दें| Life coach,Mentor,याPsychologist  इसमे आपको मदद कर सकते है और यही सबसे उत्तम तरीका है इसमे मेंटल हैल्थ EXPERT सही  तरीके से मार्गदर्शन दे सकते है|

तो कुछ भी हो पहला कदम यह है की आप विशेषज्ञों से सलाह ले और समय रहते जीवन को खुशहाल और खूबसूरत बनाएँ|

BHUMIKA GIJARE

PSYCHOLOGY COUNSELOR /NEUROLOGICALCOACH/LIFE 

COUNSELOR /NEUROLOGICALCOACH/LIFE COACH

CERTIFED CAREER COUNSELOR& CONSULTANT

CONTACT:9589205399

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