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वापस ली जा सकती है बिजली उपभोक्ताओं की सब्सिडी सब्सिडी – News18 Hindi

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भोपाल. मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लग सकता है। घरेलू बिजली सब्सिडी को कम करने के लिए सरकार नए नियमों पर पुनर्विचार कर रही है। इस मुद्दे पर गठित मंत्रियों के समूह ने सरकार को सब्सिडी का बोझ कम करने के लिए सुझाव भी दिए हैं। इन सुझावों पर अमल हुआ तो कई उपभोक्ता 100 यूनिट बिजली योजना के दायरे से बाहर हो सकते हैं। यदि मंत्रियों के समूह की सिफारिशों को लागू किया जाता है, तो लगभग 45 लाख उपभोक्ताओं को सब्सिडी से बाहर रखा जा सकता है।

बिजली सब्सिडी पर बने मंत्रियों के समूह ने अब तक सिर्फ सरकार को सुझाव दिए हैं। अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि अगर इन सुझावों पर अमल होता है तो करोड़ों उपभोक्ता 100 यूनिट बिजली पर الر 100 में गुजारा कर सकते हैं।

क्या सुझाव हैं?
कैबिनेट ग्रुप ने सरकार को तीन अहम प्रस्ताव दिए हैं। इसके तहत आयकरदाताओं और सरकारी कर्मचारियों को सब्सिडी के दायरे से बाहर रखा जाए ताकि कमलनाथ सरकार के दौरान शुरू की गई इंदिरा गांधी ज्योति योजना से सब्सिडी का बोझ कम हो सके।

100 यूनिट की सीमा बढ़ाकर 150 यूनिट करें, जिससे सरकार को सालाना 2,000 करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।

तीसरा सुझाव यह है कि सब्सिडी का लाभ केवल गरीब बीपीएल परिवारों को ही दिया जाए। इससे सब्सिडी का बोझ करीब 3,000 करोड़ रुपये कम होगा और 45 लाख उपभोक्ताओं को भी सब्सिडी के दायरे से बाहर कर दिया जाएगा।

सब्सिडी का बोझ
फिलहाल सरकार बिजली सब्सिडी पर करीब 21,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। किसानों को बिजली सब्सिडी पर लगभग 16,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं, जबकि घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी पर 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। 2019 में, तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने इंदिरा गांधी ज्योति योजना के तहत 100 इकाइयों में الر 100 बिजली योजना शुरू की। फिलहाल इस योजना से घरेलू उपभोक्ता भी लाभान्वित हो रहे हैं।

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