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सुनील गावस्कर ने चेन्नई को सबसे कठिन पिच के रूप में चुना जो उन्होंने सर्वकालिक महान ऑलराउंडर के रूप में खेला

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सुनील गावस्कर ने महान ऑलराउंडर के तौर पर गारफील्ड सोबर्स का नाम लिया. (Instagram/Sunil Gavaskar)

सुनील गावस्कर ने महान ऑलराउंडर के तौर पर गारफील्ड सोबर्स का नाम लिया. (Instagram/Sunil Gavaskar)

भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में सबसे मुश्किल पिच चेन्नई में 1978 में देखी, जब वह वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले थे. भारत ने गावस्कर की कप्तानी में उस मैच को तीन विकेट से जीता था.

नई दिल्ली. क्रिकेट से जुड़े कई किस्से अकसर सुनने और देखने को मिलते हैं कि कैसे ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज की कुछ पिचें तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल हैं. 60, 70, 80 के दशक और 90 के दशक के शुरुआती दौर में बल्लेबाजों को ऐसी पिचों का सामना करना पड़ता था, जहां बल्लेबाज जूझते नजर आते थे. भारत के महान बल्लेबाजों में शुमार सुनील गावस्कर को भी उनमें से कई पिचों से जूझना पड़ा था, लेकिन वह कुछ पर कमाल करते थे तो कुछ पर वह भी पस्त हो जाते थे. पूर्व सलामी बल्लेबाज ने 10000 से ज्यादा रन बनाए और पर्थ, जमैका, ब्रिस्बेन जैसी कुछ सबसे तेज और उछाल वाली पिचों पर बल्लेबाजी की. गावस्कर ने बताया है कि उनके करियर की सबसे मुश्किल पिच भारत में थी.

गावस्कर ने उस मैच के बारे में बताया जहां भारत ने वेस्टइंडीज की मेजबानी की थी. उन्होंने बताया कि वह उस पिच से हैरान थे. उन्होंने द क्रिकेट एनालिस्ट पॉडकास्ट में कहा, ‘मैंने अपने करियर में सबसे मुश्किल पिच चेन्नई में 1978 में देखी, जब मैं वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था. यह सबसे तेज पिच थी जो मैंने अपने करियर में देखी. मैं सबीना पार्क में कुछ मैच खेला, जहां गेंद हवा की तरह आती थी. मैं पर्थ में खेल चुका हूं, गाबा में खेला.’

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उन्होंने कहा, ‘मैं सिडनी में बारिश के बाद की ताजा पिच पर खेला, जब जेफ थॉमसन वास्तव में कमाल कर रहे थे लेकिन चेन्नई में सिल्वेस्टर क्लार्क के साथ वही पिच. गेंद उड़ सी रही थी. मुझे लगता है कि यह सबसे कठिन पिच रही, जिस पर मैंने बल्लेबाजी की है.’ साल 1978-79 में वेस्टइंडीज ने भारत का दौरा किया था. सीरीज के चौथे टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज टीम ने पहली पारी में 228 और भारतीय टीम ने 255 रन बनाए थे. विंडीज टीम की दूसरी पारी मात्र 151 रन पर सिमटी और भारत ने 125 रन के टारगेट को हासिल करने में 7 विकेट गंवा दिए थे. भारत ने गावस्कर की कप्तानी में तीन विकेट से यह मैच जीता था.गावस्कर ने सर गारफील्ड सोबर्स को चुना महान ऑलराउंडर

अपने समय के दौरान गावस्कर ने सर इयान बॉथम, सर गारफील्ड सोबर्स, इमरान खान और रिचर्ड हेडली के खिलाफ मैच खेले और कपिल देव के साथ. इन दिग्गजों को खेल में सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडरों में से एक माना जाता है. जब किसी एक को चुनने के लिए कहा गया, तो खेल के सभी पहलुओं में शानदार प्रतिभा के चलते पूर्व सलामी बल्लेबाज ने सोबर्स का नाम लिया. उन्होंने कहा, ‘मैंने जो सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर देखा, वह सर गारफील्ड सोबर्स थे क्योंकि वह बल्ले और गेंद, दोनों से खेल को बदल सकते थे. वह एक अविश्वसनीय फील्डर थे.’




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