Home Sports सुरेश रैना का दावा- ग्रेग चैपल गलत नहीं थे क्योंकि उनका इरादा...

सुरेश रैना का दावा- ग्रेग चैपल गलत नहीं थे क्योंकि उनका इरादा भारत को मजबूत बनाने का था, लेकिन…

107
0

नई दिल्ली. पूर्व भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना (Suresh Raina) ने अपनी किताब ‘बिलीव- व्हॉट लाइफ एंड क्रिकेट टॉट मी’ (Believe: What Life and Cricket Taught Me) में टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच ग्रेग चैपल (Greg Chappell) से जुड़े किस्से के बारे में भी कुछ खुलासे किए हैं. रैना उन खिलाड़ियों में से एक थे, जिन्होंने भारत के लिए तब पदार्पण किया था, जब ग्रेग चैपल टीम के हेड कोच थे. इसके बाद सुरेश रैना क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में टीम का अहम हिस्सा बन गए थे. टीम के मुख्य कोच के रूप में चैपल के कार्यकाल को भारतीय प्रशंसकों द्वारा अच्छे समय के रूप में याद नहीं किया जाता है, क्योंकि टीम पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर के तहत कई विवादों में घिरी हुई थी. चैपल 2005 में टीम इंडिया के कोच बने थे. चैपल की नियुक्ति के तुरंत बाद ही उनके और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) के बीच अनबन की खबरें मीडिया में सामने आने लगी थीं.

सौरव गांगुली और ग्रेग चैपल के बीच सार्वजनिक मतभेद थे, जिसके परिणामस्वरूप बाद में उन्हें कप्तानी से बर्खास्त कर दिया गया. इसके बाद गांगुली की जगह राहुल द्रविड़ को कप्तान बनाया गया, जिन्होंने 2007 के वनडे वर्ल्ड कप में भारत के लिए कप्तानी की. हालांकि, भारत को बांग्लादेश के हाथों एक चौंकाने वाली हार का सामना करना पड़ा और वह विश्व कप में ग्रुप चरण से बाहर हो गया, जिसके कारण चैपल को कोच पद से बर्खास्त कर दिया गया. रैना ने कहा. ‘चैपल एक परिणाम चाहने वाले कोच थे, जो अपने खिलाड़ियों पर कड़ी मेहनत करना पसंद करते थे और सभी के साथ समान व्यवहार करते थे.’

वर्ल्ड कप मैच में ‘तू चल मैं आया’ की तर्ज पर पूरी टीम बना सकी मात्र 45 रन, इंग्लिश गेंदबाजों ने किया था कमाल

सुरेश ने अपनी किताब में लिखा, ”ग्रेग हमेशा परिणाम चाहने वाले कोच थे. और वह यह सुनिश्चित करेंगे कि हम उन परिणामों को प्राप्त करें, जिनका हम लक्ष्य मानकर पीछा कर रहे थे, फिर चाहे कुछ भी हो. जब मैं अपना करियर शुरू ही कर रहा था और निर्देश पाकर खुश था, तब से मैंने इस तरह के रवैये की सराहना की.”सुरेश रैना का मानना ​​​​है कि चैपल कभी गलत नहीं थे, क्योंकि उनका इरादा हमेशा भारत को एक मजबूत टीम बनाने का था. लेकिन साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि पूर्व मुख्य कोच सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर की पसंद के प्रति अधिक सम्मानजनक हो सकते थे. तेंदुलकर सहित कई वरिष्ठ खिलाड़ियों ने भारत के 2007 विश्व कप से बाहर होने के बाद चैपल की रणनीति पर आपत्ति जताई थी, जिसके कारण उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था.

WTC Final: फाइनल के लिए पिच तैयार, टीम इंडिया और विराट कोहली हो सकते हैं परेशान

उन्होंने किताब में आगे लिखा है, ”टीम के सीनियर खिलाड़ी बहुत अलग थे, जैसा कि उनके साथ उनके संबंधित समीकरण थे. चैपल को शायद सीनियर खिलाड़ियों के साथ थोड़ा अलग व्यवहार करना चाहिए था, वैसा ही नहीं जैसे वह हमारे साथ कर रहे थे.” उन्होंने लिखा, ”मेरी नजर में ग्रेग कभी गलत नहीं थे, चूंकि उन्होंने हमेशा यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि टीम अपने पैरों पर खड़ी हो. और उन्होंने कभी भी किसी एक खिलाड़ी का पक्ष नहीं लिया. मैं मानता हूं कि उन्हें सचिन और दादा जैसे लोगों का अधिक सम्मान करना चाहिए था.”

सुरेश रैना ने भारत के लिए 18 टेस्ट, 226 वनडे और 78 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने टेस्ट में 786 रन, वनडे में 5615 रन और टी20 में 1605 रन बनाए हैं. सुरेश रैना ने पिछले साल 15 अगस्त को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, लेकिन इसके बाद वह आईपीएल में खेल रहे हैं. सुरेश रैना इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते हैं. रैना ने आईपीएल में अब तक 200 मैचों में 33.07 की औसत और 136.89 के स्ट्राइक रेट से 5491 रन बनाए हैं.

Previous articleपंजाब की राजनीति पर अकाली दल बसपा गठबंधन का प्रभाव
Next articleआमिर खान आज फिर से लाल सिंह चड्ढा की शूटिंग फिर से शुरू करेंगे: बॉलीवुड समाचार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here