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24 अप्रैल से 24 मई तक कांगड़ा जिले में 3हजार से अधिक शादियां प्रशासन के लिए बनी चुनौती- Covid 19 More than 3 thousand marriages in Kangra district from April 24 to May 24 challenge for administration nodbk

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शादी समारोहों में भी सोशल डिस्टेंसिंग और अपने विवेक से फ़ैसला लेने की बात कही है. (सांकेतिक फोटो)

शादी समारोहों में भी सोशल डिस्टेंसिंग और अपने विवेक से फ़ैसला लेने की बात कही है. (सांकेतिक फोटो)

अगर बात जिला में उपमंडल स्तर पर सामाजिक समारोह (Social Gatherings) की करें तो 24 अप्रैल से 24 मई के बीच अब तक 3092 समारोह के लिए लोग मंजूरी ले चुके हैं.

कांगड़ा. हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले (Kangra District) में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) तेजी से फैल रहा है. ऐसे में शनिवार से शुरू हुई शादियों और अन्य सामाजिक समारोह व कार्यक्रम जिला प्रशासन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं हैं. एक तरफ जहां प्रशासन द्वारा कोरोना की चेन तोड़ने के लिए लाॅकडाउन (Lockdown) सहित अन्य तरह की पाबंदियों को लगाया गया है तो वहीं, एक माह तक जिले में शादियों व अन्य सामाजिक समारोहों की बाढ़ आने वाली है, जो प्रशासन के समक्ष कोरोना को रोकने में चुनौती साबित होगी. जिले में 24 अप्रैल से 24 मई तक एक माह के दौरान तीन हजार से अधिक शादियां व अन्य समारोह के आयोजनों को लेकर जिला प्रशासन से मंजूरी ली गई है. जबकि अभी और लोग इन आयोजनों के लिए मंजूरी ले रहे हैं. ऐसे में यह आंकड़ा और भी बढ़ना तय है.

उधर, इस तरह के समारोह में कोरोना के चलते 50 ही लोगों के इकट्ठे होने की मंजूरी दी जा रही है. लेकिन इन नियमों को लोग कितना फाॅलो करेंगे यह एक बड़ा सवाल है. शहरों में तो इन पर नजर रखी जा सकती है लेकिन दूरदराज के गांव में इस पर चैक रखना काफी मुश्किल है. हालांकि, प्रशासन ने पंचायत प्रतिनिधियों को इन समारोह पर चेक रखने के लिए आदेश दिए हैं. बावजूद इसके यह इतना आसान नही है. अब देखना यह है कि एक माह के दौरान होने वाले इन समारोह के दौरान कोरोना के मामलों की क्या स्थिति रहती है. वहीं, अगर बात जिला में उपमंडल स्तर पर सामाजिक समारोह की करें तो 24 अप्रैल से 24 मई के बीच अब तक 3092 समारोह के लिए लोग मंजूरी ले चुके हैं.

ख़ुद प्रशासन के लिये इस पर अंकुश लगाना एक टेढ़ी खीर है
जिला के 15 उपमंडलों में से बैजनाथ से 165, देहरा से 359, धर्मशाला से 314, धीरा से नौ, फतेहपुर से 155, इंदौरा से 186, जयसिंहपुर से 167, ज्वाली से 225, ज्वालामुखी से 76, कांगड़ा से 284, नगरोटा बगवां से 203, नूरपुर से 276, पालमपुर से 476 तथा शाहपुर से 197 लोगों ने अब तक इन आयोजनों के लिए जिला प्रशासन से मंजूरी ले रखी है. वहीं, न्यूज़18 के साथ बातचीत में कांगड़ा जिला के ADM रोहित राठौर ने बताया कि महज़ एक महीने के अंतराल में करीब 4 हज़ार शादियां होने जा रही हैं, जबकि कोरोना की दूसरी लहर ने सभी लोगों की चिंताएं बढ़ा रखी है. शादियों में यूं तो 50 लोगों को ही परमीशन दी गई है, फिर भी आंकड़ा इससे पार हो ही जाता है. ये न केवल शादी समारोह आयोजित करवाने वालों के लिये परेशानी का सबब है, बल्कि ख़ुद प्रशासन के लिये इस पर अंकुश लगाना एक टेढ़ी खीर है.अपने विवेक से फ़ैसला लेने की बात कही है
फिर भी अगर जिंदा रहेंगे तभी तो कुछ करेंगे की स्थिति को मद्देनजर रखते हुये प्रशासन ने जो मैकेनिज्म तैयार किया है, उसके तहत हर जगह फ्लाइंग स्कवॉड की टीमें जाएंगी और छपेमारी करेगी. जहां भी अव्यवस्था पायी गई उनके ख़िलाफ़ सख़्त धाराओं के तहत मामले दर्ज किए जाएंगे. इसमें किसी तरह की रियायत नहीं बरती जा सकती, क्योंकि अनुमानित एक शादी में 4 शख़्स भी पॉजीटिव पाये गये तो 4 हज़ार शादियों में पहुंचने वाले हजारों लोगों की स्थिति क्या होगी. उसके बारे में सोचकर ही चिंता और बढ़ जाती है. उधर बसनूर पंचायत में जनप्रतिनधि रह चुके अमरनाथ परमार अपनी इकलौती बेटी शीतल की शादी देश की सेना में बॉर्डर पर तैनात सुमित के साथ करने जा रहे हैं. उन्होंने जनता से अपील की है कि जान है तो जहान है. वो चाहते तो अपनी बेटी की शादी को भव्य तरीके से आयोजित करते, मगर जहां उनका दामाद जान हथेली पर रखकर दुश्मनों से देश को बचाता है, तो हम आम लोग उनकी शादी जैसे पवित्र समारोह में कैसे अपनों की जान को खतरों में डाल सकते हैं. इसलिए उन्होंने अपील करते हुये लोगों को अपना ख़्याल ख़ुद रखने की बात कहते हुये शादी समारोहों में भी सोशल डिस्टेंसिंग और अपने विवेक से फ़ैसला लेने की बात कही है.




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